केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 29 दिसंबर को असम के एक दिवसीय दौरे के दौरान गुवाहाटी पुलिस कमिश्नरेट के स्थायी भवन तथा 2,000 सीसीटीवी कैमरों से युक्त निगरानी प्रणाली का उद्घाटन किया। उन्होंने नए गुवाहाटी पुलिस आयुक्त कार्यालय में राज्य के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा आयोजित ‘नवीन न्याय संहिता पर प्रदर्शनी’ का भी उद्घाटन किया। 111 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह अत्याधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल भवन गुवाहाटी पुलिस की सभी शाखाओं को एक ही छत के नीचे लाएगा। इसमें 400 अधिकारियों के बैठने की क्षमता के साथ पुस्तकालय और अभिलेखागार की सुविधा भी होगी। कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने इसी भवन में इंटेलिजेंस सिटी सर्विलांस सिस्टम (आईसीएसएस) का भी उद्घाटन किया।

सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, 178 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्मार्ट पुलिसिंग की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। तीन नए आपराधिक कानून असम में सेशन कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक तीन वर्षों के भीतर न्याय सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में कहा, गृह मंत्रालय के अनुसार नई न्याय संहिता के क्रियान्वयन के मामले में असम लगातार सभी राज्यों में प्रथम स्थान पर रहा है। एनसीएलआई डैशबोर्ड में असम ने 81.20 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 57.02 प्रतिशत है। बयान में यह भी कहा गया कि असम पीएम गति शक्ति पोर्टल पर सभी पुलिस थानों की 100 प्रतिशत जियो-फेंसिंग हासिल करने वाला पहला राज्य है, साथ ही एमसीयू में डीएनए नमूने दर्ज कराने वाला भी पहला राज्य है। इसी कार्यक्रम में अमित शाह ने वैज्ञानिक अपराध जांच को सुदृढ़ करने की पहल के तहत असम पुलिस की 39 मोबाइल फॉरेंसिक वैनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, यह भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में फॉरेंसिक विज्ञान के उपयोग को बढ़ाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, विशेषकर नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद, जिनमें सात वर्ष से अधिक सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक विशेषज्ञों की अनिवार्य उपस्थिति का प्रावधान किया गया है।
इसके बाद, केंद्रीय गृह मंत्री ने दो महान साहित्यकारों और कलाकारों ज्योति प्रसाद अग्रवाला और बिष्णु प्रसाद राभा की याद में लगभग ₹291 करोड़ की लागत से बने ज्योति-बिष्णु अंतर्राष्ट्रीय कला मंदिर का उद्घाटन किया। इसमें 5,000 लोगों के बैठने की क्षमता है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “श्री ज्योति प्रसाद अग्रवाला और कला गुरु श्री बिष्णु प्रसाद राभा के बारे में कितना भी कहा जाए, वह कभी काफी नहीं होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि अगरवाला ने असम की पहली फिल्म, जॉयमोती बनाई, जिससे असमिया सिनेमा की नींव रखी गई, “अगरवाला ने संगीत, थिएटर और साहित्य को देशभक्ति से जोड़कर असम के लोगों में आजादी की चाह जगाने का भी काम किया। असम के लोगों के दिलों में जगाए गए इस आत्म-सम्मान और देशभक्ति को बाद में गोपीनाथ बरदलै ने एक मजबूत आंदोलन के जरिए आगे बढ़ाया।
ऑडिटोरियम के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने कहा, ज्योति-बिष्णु अंतर्राष्ट्रीय कला मंदिर स्थायी विकास के साथ-साथ संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कॉम्प्लेक्स ग्रीन एनर्जी पर चलेगा, इसकी कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और प्रोजेक्ट को असम के पर्यावरणीय लक्ष्यों के साथ जोड़ने के लिए छत पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। पूर्वोत्तर में सबसे बड़े इस ऑडिटोरियम से सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने, बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करने और संस्कृति, शासन और सार्वजनिक जुड़ाव के लिए एक क्षेत्रीय केंद्र के रूप में गुवाहाटी की भूमिका को और मजबूत करने की उम्मीद है। अपनी यात्रा के दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री ने शहीद स्मारक क्षेत्र का दौरा किया और जन्मजात हृदय रोग कार्यक्रम के लगभग 1,000 लाभार्थियों को सम्मानित भी किया।










