9 नवंबर 2025
मंत्रिमंडल ने असम बहुविवाह प्रथा निषेध विधेयक, 2025 को मंजूरी दी।
राज्यभर में बहुविवाह प्रथा पर प्रतिबंध (छठी अनुसूची क्षेत्रों को छोड़कर)।
अवैध विवाह से प्रभावित महिलाओं को मुआवजा।
उल्लंघन पर 7 वर्ष तक का कारावास।
पूर्व विवाह की जानकारी छिपाने पर 10 वर्ष तक का कारावास।
उकसाने/सहयोग करने वालों, जिनमें काजी, पुजारी या अभिभावक शामिल हैं, को 2 वर्ष तक की सजा।
पुनरावृत्ति (दोबारा अपराध) की स्थिति में दोगुनी सजा।
मंत्रिमंडल ने असम स्टार्टअप एवं नवाचार नीति 2025–30 को मंजूरी दी, जिसके लिए 5 वर्षों में ₹397करोड़ का प्रावधान है।
मंत्रिमंडल ने रंगमहल, नॉर्थ गुवाहाटी में न्यायिक टाउनशिप के चरण–I निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति दी। परियोजना लागत: ₹478.78 करोड़।
मंत्रिमंडल ने उत्कृष्ट खेल उपलब्धियों के सम्मान में उमा छेत्री को ₹25 लाख देने की घोषणा की।
मंत्रिमंडल ने जल संसाधन तथा पीडब्ल्यूडी (सड़क) विभागों की परियोजनाओं हेतु आआईडीएफ–XXXI के तहत नाबार्ड से ₹373.39 करोड़ का ऋण लेने को मंजूरी दी।
मंत्रिमंडल ने चल रही और आगामी विद्युत परियोजनाओं में इक्विटी निवेश के समर्थन के लिए एईजीसीएल की अधिकृत शेयर पूंजी ₹3,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹3,750 करोड़ करने को मंजूरी दी।
मंत्रिमंडल ने मिशन बसुंधरा के तहत 12 जिलों में स्वदेशी, भूमिहीन परिवारों को सरकारी ख़ास और सीलिंग सरप्लस भूमि के निपटान/आवंटन के लिए 1,858 प्रस्तावों को मंजूरी दी।
मंत्रिमंडल ने शिवसागर, डिब्रूगढ़, धेमाजी, बिश्वनाथ और होजाई जिलों में स्वदेशी, भूमिहीन परिवारों के लिए भूमि आवंटन के 407 प्रस्तावों को मंजूरी दी।
मंत्रिमंडल ने मिशन बसुंधरा 3.0 के तहत डिब्रूगढ़ जिले में चाय अनुदान/पीरियॉडिक भूमि को एकमुश्त रूप से पीरियॉडिक पट्टा में परिवर्तित करने के 6 प्रस्तावों को मंजूरी दी।
23 नवंबर 2025
मंत्रिमंडल ने मेंटेनेंस, रिपेयर एवं ओवरहॉल (एमआरओ) नीति को मंजूरी दी, जिससे 2030 तक असम को पूर्वोत्तर का अग्रणी विमानन एमआरओ हब बनाया जा सके।
मंत्रिमंडल ने कार्बी वेलफेयर स्वायत्त परिषद विधेयक, 2025 को पेश/लाने की मंजूरी दी, जिससे केएएसी क्षेत्र के बाहर रहने वाले कार्बी समुदायों के लिए 2021 के एमओएस के तहत किया गया वादा पूरा होगा।
मंत्रिमंडल ने असम जिला भूमि न्यायाधिकरण विधेयक, 2025 को मंजूरी दी, जिसके तहत संरक्षित वर्ग की भूमि विवादों के त्वरित निपटारे के लिए स्वतंत्र न्यायाधिकरण स्थापित किए जाएंगे; 90 दिनों में निस्तारण का लक्ष्य होगा तथा माननीय गुवाहाटी हाईकोर्ट में अपील का प्रावधान रहेगा।
मंत्रिमंडल ने ₹10,000 करोड़ और उससे अधिक की परियोजनाओं के लिए उच्चाधिकार प्राप्त निवेश समिति (एचपीआईसी) के गठन को मंजूरी दी, ताकि मंजूरियों, प्रोत्साहनों और स्वीकृतियों को तेजी से निपटाया जा सके।
मंत्रिमंडल ने असम शिक्षा (शिक्षकों की सेवाओं का प्रांतीयकरण एवं शैक्षणिक संस्थानों का पुनर्गठन) (संशोधन) विधेयक, 2025 को मंज़ूरी दी, जिसका उद्देश्य सत्यापन को मजबूत करना, पात्र विद्यालयों का वैधीकरण, दस्तावेजीकरण को सरल बनाना, छठी अनुसूची क्षेत्रों को छूट देना तथा ट्यूटरों के वेतन में 6% वृद्धि करना है।
मंत्रिमंडल ने निजी शैक्षणिक संस्थानों में शुल्क विनियमन को सुदृढ़ करने और अधिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए 2025 संशोधन विधेयक को मंजूरी दी।
मंत्रिमंडल ने प्रांतीयकृत गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए पांचवें वर्ष की सेवा से आगे नियत मासिक पारिश्रमिक में 6% वार्षिक वृद्धि प्रदान करने वाले 2025 संशोधन विधेयक को मंजूरी दी।
मंत्रिमंडल ने दूरस्थ और कठिन सीमा क्षेत्रों में कार्यरत महिला शिक्षकों के लिए अनिवार्य सेवा अवधि में ढील देने वाले 2025 संशोधन विधेयक को मंजूरी दी।
मंत्रिमंडल ने असम निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत एनईआरआईएम विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी, जिससे राज्य में एक नया उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित होगा।
मंत्रिमंडल ने अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की स्थापना तथा अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 को मंजूरी दी, जिससे असम में एक प्रमुख परोपकारी, गैर-लाभकारी विश्वविद्यालय का मार्ग प्रशस्त होगा।
मंत्रिमंडल ने असम भर में भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों, आपातकालीन प्रतिक्रिया और अनुपालन को सुदृढ़ करने हेतु विधेयक लाने को मंजूरी दी।
मंत्रिमंडल ने पशु क्रूरता निवारण (असम संशोधन) विधेयक, 2025 को सदन में रखने की मंजूरी दी, जिससे माघ बिहू के दौरान पारंपरिक भैंसों की लड़ाई (मो जूज) को नियामक सुरक्षा उपायों के साथ अनुमति दी जा सके।
मंत्रिमंडल ने 1983 के चुनाव-संबंधी घटनाक्रमों पर मेहता (अनौपचारिक) न्यायिक आयोग की रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में रखने की मंजूरी दी।
मंत्रिमंडल ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए 16 अधिनियमों में छोटे अपराधों के अपराधीकरण-निरसन और युक्तिकरण हेतु संशोधनों को मंजूरी दी।
मंत्रिमंडल ने असम भूमि जोत सीमा निर्धारण (संशोधन) विधेयक, 2025 को पेश करने की मंजूरी दी, जिसके तहत चाय बागानों में श्रमिक लाइनों को सहायक भूमि की परिभाषा से बाहर किया जाएगा। इससे 825 चाय बागानों में 3.33 लाख चाय श्रमिक परिवारों को लाभ होने की उम्मीद है।
26 नवंबर 2025
कैबिनेट ने खानापाड़ा स्थित सरकारी मूगा फार्म की भूमि को सांस्कृतिक कार्य विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी है, ताकि वृंदावनी वस्त्र के लिए एक समर्पित संग्रहालय स्थापित किया जा सके। इससे असम की सबसे पूजनीय सांस्कृतिक धरोहरों में से एक-वृंदावनी वस्त्र-का समुचित संरक्षण, व्याख्या और सार्वजनिक प्रदर्शन सुनिश्चित होगा।
कैबिनेट ने कुछ स्वदेशी समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने के प्रस्ताव से संबंधित मंत्रियों के समूह (जीओएम) की रिपोर्ट को असम विधान सभा के समक्ष प्रस्तुत करने तथा तत्पश्चात गृह मंत्रालय को अग्रेषित करने की स्वीकृति दी है।
कैबिनेट ने असम सर्वे एवं सेटलमेंट प्रशिक्षण केंद्र ( एएसएसटीसी), दखिनगांव के लिए असम सर्वे एवं सेटलमेंट प्रशिक्षण केंद्र शिक्षक सेवा नियम, 2025 को मंजूरी दी है, ताकि भर्ती, सेवा शर्तों और कैरियर प्रगति को विनियमित किया जा सके। इसके साथ ही केंद्र में सहायक शिक्षक के छह रिक्त पदों को भरने की भी स्वीकृति दी गई है।
30 नवंबर 2025
कैबिनेट ने एनएचएम कर्मचारियों की मृत्यु की स्थिति में उनके निकटतम परिजन को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹7.5 लाख करने की मंजूरी दी है। यह बढ़ी हुई राशि एनएचएम के अंतर्गत राज्य समर्थन बजट से वहन की जाएगी, जिससे अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों के परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा और मजबूत होगी।
कैबिनेट ने उत्तर लखीमपुर विश्वविद्यालय अधिनियम, 2023 की धारा 58 में संशोधन हेतु एक अध्यादेश जारी करने की मंजूरी दी है, जिससे प्रथम कुलसचिव को तीन वर्ष या नियमित कुलसचिव की नियुक्ति तक (जो भी पहले हो) पद पर बने रहने की अनुमति मिलेगी, ताकि विश्वविद्यालय का संचालन निर्बाध रूप से चलता रहे।
कैबिनेट ने दुधनै, पाठशाला, रंगिया, बिश्वनाथ चारियाली और तिताबर स्थित पांच मिनी आईटीआई में कार्यरत 170 संविदा कर्मचारियों के निश्चित वेतन ढांचे के उन्नयन को मंजूरी दी है। इसके तहत 2015–2025 के लिए 3% वार्षिक वृद्धि के आधार पर उनकी मूल पारिश्रमिक राशि का पुनरीक्षण किया जाएगा, जो 1 जनवरी 2026 से अगले पांच वर्षों के लिए प्रभावी होगा।
कैबिनेट ने मिशन बसुंधरा 2.0 की समीक्षा के तहत धुबड़ी, ग्वालपाड़ा, बंगाईगांव, शोणितपुर, लखीमपुर, गोलाघाट, नलबाड़ी और बरपेटा जिलों में 660 स्वदेशी, भूमिहीन परिवारों को सरकारी भूमि के आवंटन को मंजूरी दी है।
कैबिनेट ने मिशन बसुंधरा परपेचुअल सर्विसेज के अंतर्गत शोणितपुर, बरपेटा और गोलाघाट जिलों में सरकारी खास और सीलिंग सरप्लस भूमि पर 712 स्वदेशी परिवारों को भूमि आवंटन की मंजूरी दी है।










