केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अगस्त के अंतिम सप्ताह में अपने दो दिवसीय दौरे पर गुवाहाटी स्थित राजभवन में ब्रह्मपुत्र विंग का उद्घाटन किया। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से 322 करोड़ रुपये की आठ परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, 40 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से और 3300 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में निर्मित राज निवास के ब्रह्मपुत्र विंग में कई सांविधानिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह सुविधा विभिन्न विषयों के छात्रों, कलाकारों और शोधकर्ताओं के स्वागत के लिए एक स्थान के रूप में कार्य करेगी। इसके अलावा, एक सार्थक संवाद के माध्यम से, राज्यपाल असम सरकार को जन भावनाओं से भी अवगत कराएंगे।
इस अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री ने कहा, विभिन्न उतार-चढ़ाव और हिंसक संघर्षों को झेलने के बावजूद, पूर्वोत्तर अब शांति, विकास और व्यापक विकास की ओर अग्रसर है। उत्तर पूर्व दुनिया की सबसे प्राचीन और सबसे विविध संस्कृतियों में से एक का घर है। इस क्षेत्र की कला, भाषाएं, भोजन, पहनावा, संगीत और प्राकृतिक सौंदर्य, पूरे उत्तर पूर्व को वैश्विक मंच पर अद्वितीय और उल्लेखनीय बनाते हैं।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, पिछले 11 वर्षों में पूर्वोत्तर ने अभूतपूर्व विकास देखा है। जब भी पूर्वोत्तर का इतिहास लिखा जाएगा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन के ये 11 वर्ष स्वर्ण अक्षरों में अंकित होंगे। उन्होंने आगे कहा, मोदी सरकार ने अंग्रेजों द्वारा स्थापित तीन पुराने आपराधिक कानूनों को निरस्त कर दिया है और आपराधिक न्याय प्रणाली के लिए तीन नए भारतीय कानून पेश किए हैं। ये नए कानून फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं (एफएसएल) पर आधारित पुलिस जांच पर विशेष बल देते हैं।
गृह मंत्री ने बताया कि साइबर सुरक्षा नागरिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसलिए भारत सरकार ने 2019 में दिल्ली में पहली राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक प्रयोगशाला (एनसीएफएल) की स्थापना की, जिससे नागरिकों को साइबर अपराधियों से अपनी गाढ़ी कमाई बचाने में काफी मदद मिली।
केंद्रीय गृह मंत्री के अनुसार, दूसरा एनसीएफएल गुवाहाटी में स्थापित किया गया है जो सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों के नागरिकों की आय की सुरक्षा करेगा। यह संस्थान उन लोगों का मुकाबला करके राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में भी सहायक साबित होगा, जो नशीले पदार्थों, हथियारों की तस्करी और भारत की सीमाओं में अंतराल का फायदा उठाकर घुसपैठ करने का प्रयास करते हैं।
शाह ने कहा कि लाचित बरफुकन पुलिस अकादमी में स्थापित एनसीएफएल के माध्यम से, पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों के पुलिसकर्मी देश की सीमाओं की रक्षा, नशीले पदार्थों और अवैध तस्करी के खिलाफ लड़ाई में मदद और नागरिकों की आय की सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे काम करेंगे। उन्होंने कहा, हमारी सीमाओं की रक्षा करने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के जवानों के लिए भी कई सुविधाएं शुरू की गई हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री गोलाप बोरबोरा के जन्म शताब्दी समारोह में भाग लेते हुए शाह ने एक्स पर लिखा, “एक महान व्यक्तित्व और जननेता स्वर्गीय गोलाप बोरबोरा जी राज्य के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने अपनी दूरदर्शिता से यह साबित कर दिया कि एक देशभक्त भारतीय संवैधानिक पद पर निर्वाचित होकर राष्ट्र के लिए क्या हासिल कर सकता है। बोरबोरा जी ने अपनी विनम्रता और ईमानदारी तथा शासन एवं शिक्षा में युगांतकारी सुधारों से सार्वजनिक जीवन में भावी नेताओं के लिए मानक स्थापित किए।”
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री ने पूर्वी भारत के सबसे बड़े ऑडिटोरियम- ज्योति-विष्णु ऑडिटोरियम की प्रगति की भी समीक्षा की और इसे विभिन्न गतिविधियों के केंद्र के रूप में स्थापित करने के बारे में अपनी प्रतिक्रिया साझा की।










