मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने कहा, पिछले पांच वर्षों में बोड़ोलैंड क्षेत्र में हुए परिवर्तन ने लोगों के जीवन में उल्लेखनीय सुधार किया है। उन्होंने ये बातें गुवाहाटी में बोडोलैंड हैप्पीनेस मिशन के तहत बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में “बोडोलैंड स्पीक्स: फ्रॉम विजन टू एक्शन” का अनावरण करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा, बोडोलैंड के किसी भी व्यक्ति को यह नहीं सोचना चाहिए कि वे दूसरे या तीसरे दर्जे के नागरिक हैं, बल्कि सभी को यह मानना चाहिए कि वे प्रथम श्रेणी के नागरिक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में उन्होंने बीटीआर की 200 से ज्यादा यात्राएं की हैं। उन्होंने कहा, हर यात्रा के दौरान, मैंने बोडोलैंड की समस्याओं को महसूस किया और इस क्षेत्र में हुए व्यापक परिवर्तन को भी करीब से देखा। डॉ. शर्मा के अनुसार, जब वृहते बोडो और अन्य स्वदेशी समुदायों के बीच खुशी सूचकांक बढ़ेगा, तो बोडोलैंड एक वित्तीय शक्ति बन जाएगा और यह राज्य का सबसे आर्थिक रूप से स्थिर क्षेत्र बन जाएगा।
शांति विकास का एक साधन है। शर्मा ने कहा, शांति स्थापित होने के बाद, अगले पांच वर्षों में क्षेत्र में सद्भाव, समृद्धि और विकास लाने के प्रयास किए जाएंगे।
ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (एबीएसयू) की प्रमुख मांग को समझते हुए, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार 13 बोडो-बहुल जिलों में सभी आधिकारिक अधिसूचनाओं का बोड़ो भाषा में अनुवाद करेगी।
कार्यक्रम के एक भाग के रूप में, मुख्यमंत्री ने बीटीआर कम्युनिकेशन ब्रिज का शुभारंभ किया, जो 18 क्षेत्रीय भाषाओं में 1001 शब्दों और 1001 वाक्यों वाला एक बहुभाषी संसाधन है। उन्होंने प्रमुख प्रकाशनों का भी विमोचन किया, जिनमें ट्रांसफॉर्मिंग बोडोलैंड – ए जर्नी ऑफ चेंज इन बीटीआर, लुकिन विदिन: माई रिफ्लेक्शंस बाय बीटीसी के मुख्य कार्यकारी सदस्य प्रमोद बोरो, और बोडोलैंड हैप्पीनेस मिशन (2024-25) की वार्षिक रिपोर्ट शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने बीटीआर के 18 विभिन्न भाषाई समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तियों को भी सम्मानित किया और सांस्कृतिक सद्भाव और सांप्रदायिक एकता को बढ़ावा देने में उनके योगदान को स्वीकार किया।

इस बीच, बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) के मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) प्रमोद बोरो ने कहा, दशकों से बोडोलैंड हिंसा, हत्याओं, अशांति और विभिन्न समूहों व समुदायों के कई आंदोलनों का गवाह रहा है। हमारी प्रार्थना और कामना यही है कि बोडोलैंड में परिवर्तन हो।
इस कार्यक्रम में दो अतिरिक्त पहलों – बोडोलैंड एंगेज्ड एथ्नोग्राफी इनिशिएटिव और बोडोलैंड प्रवासी महिला आजीविका सहायता कार्यक्रम – का भी शुभारंभ किया गया।
जिनका उद्देश्य समुदाय-आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देना और बीटीआर में प्रवासी महिलाओं के लिए आजीविका के अवसरों का समर्थन करना है।
कार्यक्रम के बाद, मुख्यमंत्री ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, बीटीआर में लगभग 26 जातीय समूह शामिल हैं। उथल-पुथल के एक लंबे दौर के बाद मुख्य कार्यकारी सदस्य प्रमोद बोरो के नेतृत्व में बोडोलैंड अब अभूतपूर्व शांति का दौर देख रहा है। हमारा उद्देश्य इस शांति को अवसरों में बदलना होना चाहिए। इस परिवर्तन को प्राप्त करने के लिए, यह महत्वपूर्ण है कि सभी जातीय समूह बीटीआर और असम राज्य में पूर्ण सुख का आनंद लें।
उन्होंने बोडोलैंड हैप्पीनेस मिशन की सराहना करते हुए इसे इस उपलब्धि को बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कैबिनेट मंत्री यूजी ब्रह्म ने एक्स पर पोस्ट किया, बोडोलैंड अब सच बोलता है। हर समुदाय का सर्वांगीण विकास ही सत्य है। विजन से लेकर एक्शन तक के शब्द ही हमें पूर्ण विकास और तरक्की के ऐसे भविष्य की ओर ले जाते हैं।










