विश्व मंच पर असम ने अपनी सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन की संभावनाओं और औद्योगिक प्रगति की एक झलक दी, जब विश्व एक्सपो 2025 के अंतर्गत जापान के ओसाका में असम स्टेट हॉल में एक विशेष आयोजन हुआ। इस अवसर पर असम सरकार के उद्योग, वाणिज्य एवं लोक उद्यम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव जे. बी. एक्का उपस्थित रहे।
ब्यूरो इंटरनेशनल देस एक्जपोजीशन्स (बीआईई) द्वारा आयोजित इस सप्ताहभर चलने वाले प्रदर्शनी का समापन 6 सितंबर को हुआ। भारत ने इस एक्सपो में ‘भारत (इंडिया) पैवेलियन’ के माध्यम से भाग लिया, जिसे इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (आईटीपीओ) और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र ( आईजीएनसीए) ने संयुक्त रूप से आयोजित किया था।
इस कार्यक्रम में असम के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया, जिसमें शामिल थे: दिगंत बोरा (पर्यटन आयुक्त एवं सचिव), मेघ निधि दहाल (आयुक्त, उद्योग एवं वाणिज्य तथा प्रबंध निदेशक, एआईडीसी, कुमार पद्मपाणि बोराह (आयुक्त, जनसंपर्क एवं प्रबंध निदेशक, (एटीडीसी), और शंतनु देउरी (संयुक्त निदेशक, उद्योग एवं वाणिज्य)।
प्रतिनिधिमंडल और एआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने असम की पर्यटन, हथकरघा, हस्तशिल्प और उद्योग क्षेत्र में क्षमताओं का प्रदर्शन किया, साथ ही व्यापार प्रतिनिधियों और अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों के साथ उच्च स्तरीय चर्चाएं भी कीं।
असम स्टेट हॉल ने अपने उद्घाटन दिवस पर शानदार भीड़ को आकर्षित किया, जहां कई देशों से आए आगंतुकों ने हथकरघा और हस्तशिल्प से लेकर सतत नवाचारों तक की प्रदर्शनी का आनंद लिया। गोल्डन थ्रेड्स और एमजेआई ग्रुप जैसे उद्यमियों को उनके प्रीमियम उत्पादों—हस्तनिर्मित वस्त्र, शिल्प वस्तुएं, सुगंधित उत्पाद और पारंपरिक स्वादों—के लिए उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई।

इतिहास में पहली बार, असम के विश्वप्रसिद्ध अगरवुड को—जो गोलाघाट जिले के लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) पहल के अंतर्गत मान्यता प्राप्त है—ओसाका एक्सपो में गर्वपूर्वक प्रदर्शित किया गया। असम की विरासत में रची-बसी इसकी अनोखी सुगंध ने वैश्विक स्तर पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
इस अवसर को और भी जीवंत बनाते हुए, असम सरकार के सांस्कृतिक मामलों के विभाग ने इंडिया पैवेलियन
में एक प्रदर्शन का आयोजन किया। प्रसिद्ध कलाकार रंजीत गोगोई के नेतृत्व में 10 सदस्यीय दल ने बिहू, बोडो, सत्रिया, तिवा सहित पारंपरिक
लोक नृत्यों से अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
रंग-बिरंगे परिधानों, लयबद्ध ताल और आकर्षक चाल-ढाल से सजे इस प्रदर्शन ने विविध वैश्विक दर्शकों की जोरदार तालियां बटोरीं, जिससे दर्शकों पर असम की सांस्कृतिक समृद्धि की अमिट छाप रह गई।
हैरिटेज, सततता और नवाचार के संगम ने अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं, खरीदारों और व्यापार प्रतिनिधियों पर गहरी छाप छोड़ी। इस प्रदर्शनी ने व्यापारिक सहयोग, निर्यात और सांस्कृतिक कूटनीति के नए द्वार खोले हैं।
एक आधिकारिक बयान में, असम प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा और उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री बिमल बोरा के दूरदर्शी नेतृत्व के लिए आभार व्यक्त किया।
इस बीच, सुधाकंठ डॉ. भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में महान कलाकार को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इसकी जानकारी देते हुए, मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक हैंडल से पोस्ट किया गया, “वैश्विक मंच पर यह सम्मान न केवल उनकी असाधारण विरासत को श्रद्धांजलि देता है, बल्कि उनके कलात्मक और सांस्कृतिक योगदान की सार्वभौमिक प्रतिध्वनि की भी पुष्टि करता है।”
मंत्री बिमल बोरा ने एक्स पर लिखा, “भारत रत्न सुधाकंठ डॉ. भूपेन हजारिका के मानवता और भाईचारे पर अमर गीतों ने ब्रह्मपुत्र से लेकर योडो तक, दुनिया भर के लोगों के दिलों को छुआ है।
असम के लोगों के लिए यह बेहद खुशी की बात है कि ‘ब्रह्मपुत्र के कवि’ के जन्म शताब्दी समारोह के एक हिस्से के रूप में, जापान के ओसाका में आयोजित विश्व एक्सपो 2025 में वृत्तचित्रों और सांस्कृतिक प्रदर्शनों के माध्यम से इस महापुरुष को विशेष श्रद्धांजलि दी गई। एक असमिया होने के नाते, जापान जैसे देशों में अपने भूपेन दा की जयंती मनाते हुए देखना बेहद गर्व की बात है। मेरी कृतज्ञता।”
ओसाका में आयोजित विश्व एक्सपो 2025 केवल एक सांस्कृतिक और व्यापारिक प्रदर्शनी से कहीं बढ़कर था, बल्कि वैश्विक मान्यता, सतत व्यापार और सांस्कृतिक कूटनीति की दिशा में असम की यात्रा में एक मील का पत्थर था।
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